Bargain Hunt expert admits terror offence after sales to alleged Hezbollah financier

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BBC एक्सपर्ट ने टेरर फाइनेंसर को आर्ट बेचने के मामले में जुर्म कबूला

BBC 'Bargain Hunt' एक्सपर्ट ने टेरर फाइनेंसर को आर्ट बेचने के मामले में अपराध स्वीकारा

ओघेनोचुको ओजिरी — एक प्रसिद्ध आर्ट एक्सपर्ट और BBC के ‘Bargain Hunt’ और ‘Antiques Road Trip’ जैसे शोज़ के अनुभवी चेहरा — ने हाल ही में आतंकवाद से जुड़े एक केस में अपराध स्वीकार किया है।

मामले का मूल

2020 से 2021 के बीच ओजिरी ने नाज़ेम अहमद नामक व्यक्ति को करीब £140,000 मूल्य की कलाकृतियाँ बेचीं। अहमद एक ज्ञात आतंकवाद समर्थक और हिज़्बुल्लाह के लिए कथित धन शोधनकर्ता हैं।

हालांकि अहमद को अमेरिका द्वारा पहले ही 2019 में और U.K. द्वारा 2023 में प्रतिबंधित किया गया था, ओजिरी ने उनकी पृष्ठभूमि जानने के बावजूद लेन-देन किए और उन्हें रिपोर्ट नहीं किया।

कानूनी पक्ष: आतंकवाद अधिनियम 2000

उन्हें आतंकवाद अधिनियम 2000 की धारा 21A के तहत दोषी ठहराया गया है। यह UK में किसी आर्ट डीलर पर इस अधिनियम के अंतर्गत पहला मामला है।

यह धारा वित्तीय संस्थानों और अब आर्ट सेक्टर को भी आतंकवादी फंडिंग की रिपोर्ट करने की ज़िम्मेदारी देती है।

आर्ट मार्केट में पारदर्शिता की चुनौती

कला बाज़ार में लंबे समय से यह चिंता रही है कि इसे फाइनेंसिंग और मनी लॉन्डरिंग के लिए उपयोग किया जा सकता है। महंगी पेंटिंग्स और मूर्तियों के लेन-देन आसानी से नज़र से बच सकते हैं, यदि रिपोर्टिंग सिस्टम सही न हो।

ओजिरी का प्रोफेशनल करियर खतरे में

ओजिरी ने अपने करियर में कई प्रतिष्ठित आर्ट गैलरीज़ में काम किया और BBC पर एक चर्चित चेहरा रहे। लेकिन अब उनकी प्रतिष्ठा को भारी नुकसान पहुँचा है।

BBC ने उन्हें अपनी वेबसाइट से हटा दिया है, और कई आर्ट नेटवर्किंग प्लेटफ़ॉर्म्स पर उनका नाम हटाया जा चुका है।

क्या है आगे?

ओजिरी को 6 जून 2025 को लंदन के ओल्ड बेली कोर्ट में सजा सुनाई जाएगी। उन पर अधिकतम 5 साल की जेल की संभावना है। इस बीच उन्हें जमानत पर रिहा किया गया है लेकिन यात्रा प्रतिबंधों के साथ।

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अंतरराष्ट्रीय स्तर पर असर

यह मामला केवल UK तक सीमित नहीं है। अमेरिका के साथ मिलकर काम कर रही एजेंसियाँ अब अन्य अंतरराष्ट्रीय डीलरों और गैलरीज़ की जांच कर रही हैं। हिज़्बुल्लाह और अन्य आतंकवादी संगठनों के फंडिंग स्रोतों की छानबीन हो रही है।

निष्कर्ष

ओजिरी का मामला एक गहरा सबक है कि कला जैसे रचनात्मक क्षेत्र भी अब वैश्विक सुरक्षा का हिस्सा बन चुके हैं। पारदर्शिता, कानून पालन और नैतिक ज़िम्मेदारी अब हर आर्ट डीलर, गैलरी और कलेक्टर के लिए अनिवार्य है।

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