वैभव सूर्यवंशी: 14 वर्षीय क्रिकेट सनसनी की IPL 2025 में चमक और चुनौतियाँ


क्रिकेट हमेशा से भारत के युवाओं का सपना रहा है। लेकिन जब एक 14 वर्षीय खिलाड़ी IPL जैसे दुनिया के सबसे बड़े क्रिकेट लीग में कदम रखता है और पहले ही मैच में शतक मारता है, तो वो केवल खबर नहीं, बल्कि प्रेरणा बन जाता है। यही कहानी है वैभव सूर्यवंशी की, जिन्होंने IPL 2025 में अपनी तूफानी पारी से सबका दिल जीत लिया।
वैभव का जन्म 27 मार्च 2011 को बिहार के समस्तीपुर जिले में हुआ। बेहद सामान्य परिवार से आने वाले वैभव के पिता एक स्कूल शिक्षक हैं और माँ गृहिणी। बचपन से ही वैभव को क्रिकेट का जुनून था। वो घर के आँगन से लेकर स्थानीय मैदानों तक हर जगह गेंद और बल्ले के साथ नजर आते थे।
जब वो मात्र 10 वर्ष के थे, तब ही उन्होंने अंडर-14 जिला टीम के लिए चयन पा लिया था। उनकी बल्लेबाजी तकनीक, गेम सेंस और स्ट्राइक रोटेशन के तरीके ने कोचों को बहुत प्रभावित किया।
IPL टीम लखनऊ सुपर जायंट्स ने उन्हें बतौर यंग टैलेंट स्काउट किया और नेट प्रैक्टिस के लिए बुलाया। वहां उनके टैलेंट को देख टीम मैनेजमेंट ने उन्हें सपोर्ट करने का निर्णय लिया और IPL मिनी ऑक्शन में उन्हें मात्र 20 लाख की बेस प्राइस पर खरीद लिया गया।
वैभव को IPL 2025 के एक लीग मैच में चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ डेब्यू करने का मौका मिला। टॉप ऑर्डर में भेजे गए वैभव ने मात्र 35 गेंदों में 102 रन ठोक दिए। उनकी पारी में 8 छक्के और 7 चौके शामिल थे। यह IPL इतिहास का सबसे तेज़ शतक था, और किसी भी भारतीय किशोर द्वारा पहली बार किया गया था।
इस प्रदर्शन के बाद सोशल मीडिया पर उनकी तुलना सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली से होने लगी। ट्विटर और इंस्टाग्राम पर #VaibhavSuryavanshi ट्रेंड करने लगा।
क्रिकेट में उतार-चढ़ाव आम हैं। अपने दूसरे ही मैच में वैभव बिना कोई रन बनाए पहली गेंद पर आउट हो गए। कई लोगों ने उन्हें ट्रोल किया लेकिन विशेषज्ञों ने कहा कि ये सीखने का हिस्सा है और इतनी कम उम्र में ऐसा होना स्वाभाविक है।
पूर्व क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग ने कहा, “इतनी कम उम्र में ऐसा टैलेंट दुर्लभ होता है। अगर सही गाइडेंस मिले तो यह लड़का आने वाले वर्षों में भारत की बल्लेबाजी की रीढ़ बन सकता है।” वहीं हरभजन सिंह ने कहा, “हमें धैर्य रखना होगा, क्योंकि युवा खिलाड़ियों के लिए निरंतरता मुश्किल होती है।”
शतक के बाद से वैभव के इंस्टाग्राम फॉलोअर्स 50K से बढ़कर 5 लाख हो चुके हैं। कई ब्रांड्स ने उन्हें एंडोर्समेंट ऑफर भी दिए हैं। Adida, SG Cricket, और RedBull जैसे ब्रांड्स उनसे संपर्क में हैं।
BCCI अब वैभव को U19 टीम में शामिल करने की सोच रही है और अगर सब ठीक रहा तो वो जल्द ही इंडिया-A टीम में खेल सकते हैं। उनके कोच का मानना है कि अगले 3 सालों में वो भारत के लिए डेब्यू कर सकते हैं।
वैभव सूर्यवंशी की कहानी उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है जो छोटे शहरों से बड़े सपने लेकर मैदान में उतरते हैं। एक शतक, एक डक – और फिर भी एक जज्बा जो उन्हें बाकी सबसे अलग बनाता है। यदि वो अपने खेल पर लगातार मेहनत करते रहें, तो आने वाले वर्षों में हम उन्हें भारतीय टीम की नीली जर्सी में देख सकते हैं।
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